बीस साल बाद – All Songs of Bees Saal Baad (1962)



फ़िल्म: बीस साल बाद / Bees Saal Baad (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: हेमंत कुमार
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: वहीदा रहमान, विश्वजीत

ऐ मोहब्बत मेरी दुनिया में तेरा काम न था
तू ना आई थी तो ग़म का भी कहीं नाम न था
ऐ मोहब्बत मेरी दुनिया…

जाने क्यूँ आज है शिकवा मुझे दुनिया भर से
इससे पहले तो किसी पर कोई इल्ज़ाम न था
ऐ मोहब्बत मेरी दुनिया…

मेरी क़िस्मत कि मुझे अश्क़ ही पीने को मिले
मेरे हिस्से में मोहब्बत का कोई जाम न था
ऐ मोहब्बत मेरी दुनिया…

देने वाले मुझे क्यों तूने मोहब्बत दे दी
क्या मुझे इश्क़ से पहले कोई आराम न था
ऐ मोहब्बत मेरी दुनिया…


फ़िल्म: बीस साल बाद / Bees Saal Baad (1962)
गायक/गायिका: हेमंत कुमार
संगीतकार: हेमंत कुमार
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: वहीदा रहमान, विश्वजीत

(बेक़रार करके हमें यूँ न जाइये
आपको हमारी कसम लौट आइये) – 2

देखिये वो काली काली बदलियाँ
ज़ुल्फ़ की घटा चुरा न ले कहीं
चोरी चोरी आके शोख बिजलियाँ
आपकी अदा चुरा न ले कहीं
यूँ क़दम अकेले न आगे बढ़ाइये
आपको हमारी…

(देखिये गुलाब की वो डालियाँ
बढ़के चूम ले न आप के क़दम) – 2
खोए खोए भँवरे भी हैं बाग़ में
कोई आपको बना न ले सनम
बहकी बहकी नज़रों से खुद को बचाइये
आपको हमारी…

ज़िन्दगी के रास्ते अजीब हैं
इनमें इस तरह चला न कीजिये
खैर है इसी में आपकी हुज़ूर
अपना कोई साथी ढूँढ लीजिये
सुनके दिल की बात ना मुस्कुराइये
आपको हमारी…


फ़िल्म: बीस साल बाद / Bees Saal Baad (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: हेमंत कुमार
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: वहीदा रहमान, विश्वजीत

कहीं दीप जले कहीं दिल
ज़रा देख ले आ कर परवाने
तेरी कौन सी है मंज़िल
कहीं दीप जले कहीं दिल

मेरा गीत तेरे दिल की पुकार है
जहाँ मैं हूँ वहीं तेरा प्यार है
मेरा दिल है तेरी महफ़िल
ज़रा देख ले आ कर परवाने
तेरी कौन सी है मंज़िल
कहीं दीप जले कहीं दिल

ना मैं सपना हूँ ना कोई राज़ हूँ
एक दर्द भरी आवाज़ हूँ
पिया देर न कर, आ मिल
ज़रा देख ले आ कर परवाने
तेरी कौन सी है मंज़िल
कहीं दीप जले कहीं दिल

दुश्मन हैं हज़ारों यहाँ जान के
ज़रा मिलना नज़र पहचान के
कई रूप में हैं क़ातिल
ज़रा देख ले आ कर परवाने
तेरी कौन सी है मंज़िल
कहीं दीप जले कहीं दिल


फ़िल्म: बीस साल बाद / Bees Saal Baad (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: हेमंत कुमार
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: वहीदा रहमान, विश्वजीत

(सपने सुहाने लड़कपन के
मेरे नैनों में डोले बहार बन के) – 2

जब छाए घटा मतवाली, मेरे दिल पे चलाए आरी
घबराये अकेले मनवा, मैं लेके जवानी हारी
कैसे कटें दिन उलझन के
कोई लादे ज़माने वो बचपन के
सपने सुहाने…

जब दूर पपीहा बोले, दिल खाये मेरा हिचकोले
मैं लाज में मर-मर जाऊँ, जब फूल पे भंवरा डोले
छेड़े पवनिया तराने जब मन के
मुझे भाये न रंग ये जीवन के
सपने सुहाने…


फ़िल्म: बीस साल बाद / Bees Saal Baad (1962)
गायक/गायिका: हेमंत कुमार
संगीतकार: हेमंत कुमार
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: वहीदा रहमान, विश्वजीत

ज़रा नज़रों से कह दो जी निशाना चूक न जाए
ज़रा नज़रों से कह दो जी
मज़ा जब है तुम्हारी हर अदा क़ातिल ही कहलाए
ज़रा नज़रों से…

क़ातिल तुम्हे पुकारूँ के जान-ए-वफ़ा कहूँ
हैरत में पड़ गया हूँ के मैं तुम को क्या कहूँ

ज़माना है तुम्हारा
ज़माना है तुम्हारा चाहे जिसकी ज़िंदगी ले लो
अगर मेरा कहा मानो तो ऐसे खेल न खेलो
तुम्हारी इस शरारत से न जाने किस की मौत आए
ज़रा नज़रों से…

हाय, कितनी मासूम लग रही हो तुम
तुमको ज़ालिम कहे वो झूठा है

ये भोलापन तुम्हारा
(ये भोलापन तुम्हारा ये शरारत और ये शोखी
ज़रूरत क्या तुम्हें तलवार की तीरों की खंजर की) – – 2
नज़र भर के जिसे तुम देख लो वो खुद ही मर जाए
ज़रा नज़रों से…

हम पे क्यों इस क़दर बिगड़ती हो
छेड़ने वाले तुमको और भी हैं

बहारों पर करो गुस्सा उलझती हैं जो आँखों से
हवाओं पर करो गुस्सा जो टकराती हैं ज़ुल्फ़ों से
कहीं ऐसा न हो कोई तुम्हारा दिल भी ले जाए
ज़रा नज़रों से…

Advertisements

Leave a comment

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s