लाख छुपाओ छुप न सकेगा राज – Lakh Chhupao Chhup Na Sakega (Asli Naqli)

फ़िल्म: असली-नकली / Asli Naqli (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: देव आनंद, साधना



लाख छुपाओ छुप न सकेगा राज हो कितना गहरा
दिल की बात बता देता है, असली नक़ली चेहरा

फूल में खुशबू दिल में चाहत कभी न छिपने पाई है
आँख से ढलकी बनकर सुर्खी जब जब आकर दवाई है
सच बातों पर लग नहीं सकता खामोशी का पहरा
दिल की बात बता देता है, असली नक़ली चेहरा

अब न हम को और बताओ हमने तो पहचान लिया
सागर से भी गहरे निकले हमने तुम को जान लिया
जिस के मन में चोर छिपा हो सामने कवि वह ठहरा
दिल की बात बता देता है, असली नक़ली चेहरा

लोग तो दिल को खुश रख्ने को क्या क्या ढोंग रचाते है
भेष बदल कर इस दुनिया में बहरूपिये बन जाते हैं
मन दरपन में मुखड़ा देखो उतरा रंग सुनहरा
दिल की बात बता देता है, असली नक़ली चेहरा

Advertisements

Leave a comment

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s