शोला और शबनम – All Songs of Shola aur Shabnam (1961)


फ़िल्म: शोला और शबनम / Shola aur Shabnam (1961)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: खय्याम
गीतकार: कैफ़ी आज़मी
अदाकार: धर्मेंद्र, तरला मेहता

जाने क्या ढूँढती रहती हैं ये आँखें मुझमें
राख के ढेर में शोला है न चिंगारी है
अब न वो प्यार न उसकी यादें बाकी
आग यूँ दिल में लगी कुछ न रहा कुछ न बचा
जिसकी तस्वीर निगाहों में लिये बैठा हो
मैं वो दिलदार नहीं उसकी हूँ खामोश चिता

ज़िंदगी हँस के न गुज़रती तो बहुत अच्छा था
खैर हँस के न सही रो के गुज़र जायेगी
राख बरबाद मुहब्बत की बचा रखी हैं
बार-बार इसको जो छेड़ा तो बिखर जायेगी

आरज़ू जुर्म वफ़ा जुर्म तमन्ना है गुनाह
ये वो दुनिया है जहाँ प्यार नहीं हो सकता
कैसे बाज़ार का दस्तूर तुम्हें समझाऊँ
बिक गया जो वो खरीदार नहीं हो सकता …


फ़िल्म: शोला और शबनम / Shola aur Shabnam (1961)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: खय्याम
गीतकार: कैफ़ी आज़मी
अदाकार: धर्मेंद्र

जीत ही लेंगे बाज़ी हम तुम, खेल अधूरा छूटे न
प्यार का बंधन, जन्म का बंधन, जन्म का बंधन टूटे न

मिलता है जहाँ धरती से गगन, आओ वहीं हम जाएं
तू मेरे लिये, मैं तेरे लिये – 2
इस दुनिया को ठुकरायें – 2
दूर बसा ले दिल की जन्नत – 2
जिसको ज़माना लूटे ना, प्यार का बंधन

मिलने की खुशी ना मिलने का गम, खत्म ये झगड़े हो जाएं
तू तू ना रहे, मैं मैं ना रहूँ – 2
इक दूजे मैं खो जाएं – 2
मैं भी ना छोड़ूं पल भर दामन – 2
तू भी पल भर रूठे ना, प्यार का बंधन …

Advertisements

Leave a comment

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s