अनपढ़ – All Songs of Anpadh (1962)


फ़िल्म: अनपढ़ / Anpadh (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: मदन मोहन
गीतकार: राजा मेहंदी अली खान
अदाकार: धर्मेंद्र, माला सिन्हा

आप की नज़रों ने समझा, प्यार के काबिल मुझे
दिल की ऐ धड़कन ठहर जा, मिल गई मंज़िल मुझे
आप की नज़रों ने समझा

जी हमें मंज़ूर है, आपका ये फ़ैसला    – 2
कह रही है हर नज़र, बंदा-परवर शुकरिया
दो जहाँ की आज खुशियाँ हो गईं हासिल मुझे
आप की नज़रों ने समझा…

आप की मंज़िल हूँ मैं मेरी मंज़िल आप हैं – 2
क्यूँ मैं तूफ़ान से डरूँ मेरे साहिल आप हैं
कोई तूफ़ानों से कह दे, मिल गया साहिल मुझे
आप की नज़रों ने समझा…

पड़ गई दिल पर मेरी, आप की पर्छाइयाँ – 2
हर तरफ़ बजने लगीं सैकड़ों शहनाइयाँ
हँसके अपनी ज़िंदगी में, कर लिया शामिल मुझे
आप की नज़रों ने समझा…


फ़िल्म: अनपढ़ / Anpadh (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: मदन मोहन
गीतकार: राजा मेहंदी अली खान
अदाकार: धर्मेंद्र, माला सिन्हा

है इसी में प्यार की आबरू
वो ज़फ़ा करें मैं वफ़ा करूँ
जो वफ़ा भी काम न आ सके
तो वोही कहें के मैं क्या करूँ
है इसी…

(मुझे ग़म भी उनका अज़ीज़ है
के उन्हीं की दी हुई चीज़ है) – – 2
के उन्हीं की दी हुई चीज़ है
यही ग़म है अब मेरी ज़िंदगी
इसे कैसे दिल से जुदा करूँ
है इसी…

(जो न बन सके मैं वो बात हूँ
जो न खत्म हो मैं वो रात हूँ) – – 2
जो न खत्म हो मैं वो रात हूँ
ये लिखा है मेरे नसीब में
यूँही शम्मा बनके जला करूँ
है इसी…

(न किसी के दिल की हूँ आरज़ू
न किसी की नज़र की हूँ जुस्तजू) – – 2
न किसी की नज़र की हूँ जुस्तजू
मैं वो फूल हूँ जो उदास हो
न बहार आए तो क्या करूँ
है इसी…


फ़िल्म: अनपढ़ / Anpadh (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: मदन मोहन
गीतकार: राजा मेहंदी अली खान
अदाकार: धर्मेंद्र, बलराज साहनी, मीना कुमारी

जिया ले गयो जी मोरा सांवरिया
लागी मन में लगन हुई बावरिया

प नि नि नि रे रे रे म म म ध प म प रे
नि रे रे रे म म म ध ध ध सा नि ध नि प

ओ पपीहे, ओ पपीहे
तूने पपीहे नहीं देखे मोरे सैंया
देखे तो ले-लेगा उनकी बलइयां
जा रे दीवाने, मार ना ताने,
पिया की सुन जाके बांसुरिया

सामने आए तो मैं आँखों में छुपा लूँ
थामके बैंया उन्हें दिलमें बिठा लूँ
शाम सवेरे, साथ हो मेरे
गोरी के संग जैसे गागरिया

आज किसी ने मुझे अपना बनाया
साथ रहूंगी जैसे पिया की मैं चाया
ठण्डी हवाओं तुम भी तो गाओ
प्रीत की देखो बाजे झाँझरिया


फ़िल्म: अनपढ़ / Anpadh (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: मदन मोहन
गीतकार: राजा मेहंदी अली खान
अदाकार: धर्मेंद्र, माला सिन्हा

रंग-बिरंगी राखी लेके आई बहना
ओ राखी बँधवा ले मेरे वीर – 2

रँग-बिरंगी राखी… मेरे वीर

मैं न चाँदी, न सोने के नार माँगूँ
मैं न चाँदी, न भैया सोने के नार माँगूँ
अपने भैया का थोड़ा सा प्यार माँगूँ
थोड़ा सा प्यार माँगूँ
इस राखी में प्यार छुपा ले लाई बहना

राखी बँधवाले मेरे वीर

नीले अम्बर से तारे उतार लाऊँ
नीले अम्बर से भैया तारे उतार लाऊँ
या मैं चँदा की किरणों के हार लाऊँ
किरणों के हार लाऊँ
प्यार के बदले बन ले लहराई बहना

राखी बँधवाले मेरे वीर

कभी भैया ये बहना न पास होगी
कभी भैया ये तेरी बहना न पास होगी
कहीं पर्देस बैठी उदास होगी, बहना उदास होगी
मिलने की आस होगी
जाने कब बिछड़ जाएं भाई-बहना

राखी बँधवाले मेरे वीर


फ़िल्म: अनपढ़ / Anpadh (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: मदन मोहन
गीतकार: राजा मेहंदी अली खान
अदाकार: धर्मेंद्र, माला सिन्हा

वो देखो जला घर किसी का ये टूटे हैं किसके सितारे
वो क़िस्मत हँसी और ऐसे हँसी के रोने लगे ग़म के मारे
वो देखो जला…

गया जैसे झोंका हवा का हमारी ख़ुशी का ज़माना
दिए हमको क़िस्मत ने आँसू जब आया हमें मुस्कराना
बिना हमसफ़र है सूनी डगर किधर जाएँ हम बेसहारे
वो देखो जला…

हैं राहें कठिन दूर मंज़िल ये छाया है कैसा अँधेरा
कि अब चाँद-सूरज भी मिलकर नहीं कर सकेगा सवेरा
घटा छाएगी बहार आएगी ना आएँगे वो दिन हमारे
वो देखो जला…

इधर रो रही हैं आँखें उधर आसमाँ रो रहा है
मुझे कर के बरबाद ज़ालिम पशेमान अब हो रहा है
ये बरखा कभी तो रुक जाएगी रुकेंगे ना आँसू हमारे
वो देखो जला…

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