ये हौसला कैसे झुके – Ye Hausla Kaise Jhuke

Movie/Album : डोर (2006)
Music By : सलीम-सुलेमान
Lyrics By : मीर अली हुसैन
Performed By : शफ़क़त अमानत अली खान




ये हौसला कैसे झुके,
ये आरज़ू कैसे रुके
मंजिल मुश्किल तो क्या
धुंधला साहिल तो क्या
तनहा ये दिल तो क्या

राह पे कांटे बिखरे अगर
उसपे तो फिर भी चलना ही है
शाम छुपाले सूरज मगर
रात को एक दिन ढलना ही है
रुत ये ताल जाएगी
हिम्मत रंग लाएगी
सुबह फिर आएगी

होगी हमें जो रहमत अदा
धुप कटेगी साये तले
अपनी खुदा से है ये दुआ
मंजिल लागले हमको गले
जुर्रत सौ बार रहे
ऊँचा इकरार रहे,
जिंदा हर प्यार रहे

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3 comments on “ये हौसला कैसे झुके – Ye Hausla Kaise Jhuke

  1. PRADEEP SRIVASTAVA कहते हैं:

    VERY NICE….GOOD

    पसंद करें

  2. PRADEEP SRIVASTAVA कहते हैं:

    BAHUT KHOOB

    पसंद करें

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