सारे शहर में आपसा कोई नहीं – Sare Sahahar Me Aapsa Koi Naheen


फिल्मः बैराग (1976)
गायक/गायिकाः मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकारः कल्याणजी-आनंदजी
गीतकारः आनंद बख्शी
कलाकारः सायरा बानो, दिलीप कुमार, लीना चंद्रावरकर


सारे शहर में आपसा ( कोई नहीं ) -2
सच
सारे शहर में …
यही सोचकर रात भर मैं ( सोई नहीं ) -2 -2
सारे शहर में …

तुमको मेरी वफ़ा पे जाने क्या-क्या ग़ुमाँ हो रहे हैं
कितना भी तुम छुपाओ अफ़साने बयाँ हो रहे हैं
इश्क़ करता हूँ आशिक़ मेरा नाम है
आह आशिक़ ह ह ह ह
इश्क़ करता हूँ आशिक़ मेरा नाम है
ऐश करना मेरी जाँ मेरा काम है
ऐसे भी हो तुम वैसे भी हो तुम जैसे भी हो
हमको शिक़ायत आपसे ( कोई नहीं ) -2
सारे शहर में …

मेरा दिल जिसपे फ़िदा है वो दिलबर वो महबूब हो तुम
थोड़े से तुम हो ज़िद्दी पर आदमी बहुत ख़ूब हो तुम
ऐ हसीना बड़ी ख़ूबसूरत हो तुम
मुस्कराती हुई कोई मूरत हो तुम
ऐ जान-ए-जाँ खोए हो कहाँ
कोई तुम्हारी चीज़ तो ( खोई नहीं ) -2
सारे शहर में …

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