धन्नो की आँखों में है रात का सुरमा – Dhanno Ki Ankhon Men


फिल्मः किताब (1977)
गायक/गायिकाः आर. डी. बर्मन
संगीतकारः आर. डी. बर्मन
गीतकारः गुलज़ार
कलाकारः मास्टर राजू


धन्नो की आँखों में है रात का सुरमा
और चाँद का चुम्मा
हो ओ …
धन्नो की आँखों में है रात का सुरमा
और चाँद का चुम्मा

हो (सहर भी तेरे बिना रात लगे
छाला पड़े आग जैसे चाँद पे जो हाथ लगे) २
हो ओ …
धन्नो का गुस्सा है एक तीर का चुम्मा
और चाँद का चुम्मा

हो (धन्नो तुझे ख़्वाब में देखा है
लैला की हीर की किताब में देखा है) २
हो ओ …
धन्नो की आँखों में है रात का सुरमा
और चाँद का चुम्मा

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