एक दिन, तुम बहुत बड़े बनोगे एक दिन – Ek Din Tum Bahut Bade Banoge


फिल्मः अंखियों के झरोकों से (1978)
गायक/गायिकाः शैलेंद्र सिंह, हेमलता
संगीतकारः रवींद्र जैन
गीतकारः रवींद्र जैन
कलाकारः सचिन, रंजीता


एक दिन, तुम बहुत बड़े बनोगे एक दिन
चाँद से चमक उठोगे एक दिन
Will you forget me then?
How I can, tell me how I can?

मान लो कहीं की शहज़ादी
बैठी हो तुम्हारे लिये आँखें बिछाए
और उसे ये ज़िद हो कि वो शादी
किसी से ना करेगी तुम्हारे सिवाय
Will you forget me then?
Yes I can, if only you can.

एक दिन, ले गया तुम्हे जो कोई अजनबी
ग़ैर की जो हो गई ये ज़िंदगी
Will you forget me then?
Gentleman, oh no gentleman.

साँस साँस में तुम्हारी ख़ुशबू
किस तरह जियूँगा बोलो तुमको भुलाके
दिल पे जाँ पे कर चुकी हो जादू
जानती हो पूछती हो फिर भी सता के
Gentleman, sorry gentleman.

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