बाप भला न भइया भइया सबसे भला रुपैया – Baap Bhala Na Bhaiya


फ़िल्म – सरगम (1950)
गायक/गायिका – मोहम्मद रफ़ी, सी. रामचंद्र (चितलकर), लता मंगेशकर
संगीतकार – सी. रामचंद्र
गीतकार – पी. एल. संतोषी
अदाकार – राज कपूर, ओमप्रकाश, डेविड, रेहाना


चि: सुणो शाब, सुणो शाब, ओ भाई सुणो
अपने देस सू निकले थे हम ले के लुटिया-डोरी
कौड़ी-कौड़ी जोड़ी बन गये लाला आज करोड़ी
म्हारो नाम सेठ करोड़ी
पास हमारे हत्थी घोड़ा फल्टन फ़ौज सिपहिया
लेकिन ऐसे कैसे बणे हम

र: बोल दूँ बापू
चि: बोल दे बेटा

र: (बाप भला न भइया भइया
सबसे भला रुपैया) – 2

दो: सबसे भला रुपैया, हाय रुपैया हाय रुपैया
भइया सबसे भला रुपैया
र: बाप भला न भइया भइया
सबसे भला रुपैया

चि: हो (रुपय से सब बनते हैं काम
दुनिया है रुपये की ग़ुलाम) – 2
झूटो राम-रमैया भइया – 2
सबसे भला रुपैया
दो: (बाप भला न भइया भइया
सबसे भला रुपैया) – 2

र: बापू हो बापू
चि: अरे की है बरख़ुरदार
र: कहना तो नहीं चाहिये लेकिन क्या करूँ हूँ लाचार
चि: की है बोल भी
र: ओ खेतों के उस पार – 2
रहती है गोरी गोरी, ग़रीब किसान की छोरी
मुझे है इससे प्यार बापू मुझे है इससे प्यार
चि: हाय, की कहे, की कहे, प्यार की होय आँय प्यार की होय
हम तो एक ही बात जाणे

ल: बोल दूँ बापू
चि: बोल दे बेटा
ल: बाप भला न भइया भइया
सबसे भला रुपैया
दो: बाप भला न भइया भइया
सबसे भला रुपैया

ल: ओ झूठी है सब प्रीत-मुहब्बत
दुनिया में सच्ची है दौलत
झूठी है सब प्रीत-मुहब्बत
झूठी है सब प्रीत-मुहब्बत
दुनिया में सच्ची है दौलत
चि: हमरी जीवन-नइया को बस
पैशो पार लगइया भइया पैशो पार लगइया
हमरी जीवन-नइया को बस
पैशो पार लगइया भइया
सबसे भला रुपैया

दो: (बाप भला न भइया भइया
सबसे भला रुपैया) – 2

र: ठीक है बापू, मैं जाता हूँ
आप तो जानें हैं मैं बेक़सूर हूँ
लेकिन मजबूर हूँ
चि: अरे कठे जाये, कठे जाय, मेरी बात भी तो सुण
तेरी ख़ातिर देखी है एक राजकुमारी, है एक राजकुमारी
जा घोड़ा लय आ – 2
कर जाणे की तैयारी – 2
हीरे की हँसली दऊँगो, मोती को हार दऊँगो
लेकिन बदले में राजा से, एक-एक के हजार लऊँगो
र: क्या शादी भी है ब्योपार
चि: हाँ बेटा, एक-एक के बणे हजार
ई कलमुँही को छोड़, तू प्यार से मुँह मोड़
अरे पैसे से नाता जोड़
र: ठीक है बापू, मानता हूँ मैं आपकी बात
लाइये वो जेवरात
चि: लेह ले, बढ़ा दोऊ हाथ, ए घोड़ा लाओ घोड़ो

र: बापू जी राम-राम
हमने बना लिया है काम – 2
आप जैसे बाप की सूरत भी देखनी है हराम – 2
ल: जो बेटे के लगाते हैं दाम, और करते हैं बीच बज़ार निलाम
चि: ए ए ए की कहे, की कहे
हमारी सारी उमर की कमाई गई, छोड़ो रे
हाय दइया

ल: बोल दूँ बापू
चि: हाँ हाँ बोल दे बेटा
दो: (बाप भला न भइया भइया
सबसे भला रुपैया) – 2
सबसे भला रुपैया, हाय रुपैया, हाय रुपैया
भइया सबसे भला रुपैया
सबसे भला रुपैया, हाय रुपैया, हाय रुपैया

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